WWC Final: महिला टीम इंडिया की ये हैं 'फैब 5', किसी एक का बल्ला चला तो इंग्लैंड का काम तमाम! - ShadowTV | Online News Media 24/7 | The Shadow Behind the Truths!

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WWC Final: महिला टीम इंडिया की ये हैं 'फैब 5', किसी एक का बल्ला चला तो इंग्लैंड का काम तमाम!

महिला विश्वकप 2017 के फाइनल मैच से भारतीय महिला टीम के उन 5 बल्लेबाजों पर नजर डालते हैं, जिनमें से किसी एक ने भी मोर्चा संभाल लिया तो वह पूरी टीम को अपने साथ खींचने की कुवत रखती हैं.

नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट टीम विश्वकप में इतिहास रचने से बस एक कदम दूर है. ऐतिहासिक लॉर्ड्स के मैदान पर महिला टीम इंडिया इंग्लैंड से खिताबी मुकाबला खेलेगी. भारत टूर्नामेंट के लीग दौर के अपने पहले मैच में इंग्लैंड को हरा चुकी है, लेकिन इसके बाद टीम इंडिया की कप्तान मिताली राज विरोधी को हल्के में लेने के मूड में नहीं हैं. वजह भी वाजिब है, लार्ड्स इंग्लैंड के खिलाड़ियों का होम ग्राउंड है, वहां उसके समर्थक होंगे. वहीं टीम इंडिया को इंग्लैंड के कंडिशंस में शानदार खेल दिखाना होगा. इस विश्वकप में टीम इंडिया के अब तक के सफर पर नजर डालें तो बैटिंग के दम पर टीम विरोधी को चित करती रही है, हालांकि बॉलरों का भी योगदान किसी भी मायने में कम करके नहीं आंका जा सकता है. ऐसे में इस महामुकाबले से पहले भारतीय महिला टीम के उन 5 बल्लेबाजों पर नजर डालते हैं, जिनमें से किसी एक ने भी मोर्चा संभाल लिया तो वह पूरी टीम को अपने साथ खींचने की कुवत रखती हैं.

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मिताली राज: भारतीय महिला टीम की कप्तान पूरे सीरीज में सबसे विश्वसनीय बल्लेबाज की भूमिका निभाई हैं. मिताली ने न केवल खुद अच्छी बल्लेबाजी की हैं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में युवा खिलाड़ियों के साथ उपयोगी साझेदारियां की हैं. उन्होंने अपने अनुभव से टीम के साथी खिलाड़ियों से भी अच्छी बैटिंग करवाया है. मिताली ने इस सीरीज के आठ मुकाबलों में एक शतक और तीन अर्धशतक सहित 392 रन बनाए हैं.

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हरमनप्रीति कौर: सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 171 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर टीम इंडिया को फाइनल में पहुंचाने वाली हरमनप्रीत कौर का नाम ही इंग्लैंड टीम में खलबली पैदा करने के लिए काफी है. हरमनप्रीत ने आठ मैचों में एक शतक और एक अर्धशतक सहित 308 रन बनाए हैं.

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पूनम राउत:  संयम के साथ बैटिंग करने के लिए जानी जाने वाली पूनम राउत जरूरत के हिसाब से गियर भी बदलती हैं. पूनम के लिए भी विश्वकप में अब तक का सफर काफी अच्छा रहा है. उनके बल्ले से आठ मैचों में एक शतक और एक अर्धशतक सहित 295 रन निकले हैं. 

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स्मृति मंधाना: टीम इंडिया की सलामी बल्लेाब स्मृति मंधाना का भी बल्ला पूरी सीरीज में जरूरत के समय गरजता रहा है. खासकर लीग मैचों में स्मृति ने काफी अच्छी पारियां खेली हैं. स्मृति ने आठ मैचों में एक शतक और एक अर्धशतक सहित 232 रन बनाए हैं. 

दीप्ति शर्मा: नंबर पांच पर बैटिंग करने वाली दीप्ति शर्मा ने भी जरूरत के समय टीम के लिए रन जुटाए हैं. इस नंबर पर बैटिंग करने वाले बल्लेबाज के समय हमेशा चुनौती होती है कि वह आते साथ शॉट लगाए और कम गेंदों में ज्यादा रन बनाकर जाए. दीप्ति ने इस रोल को बखूबी निभाया है. दीप्ति ने आठ मैचों में 202 रन बनाए हैं.दीप्ति ने आठ मैचों में 12 विकेट भी लिए हैं.

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